mixes 

क़ुरान पड़िये ओर समज्ये फिर समजके अमल करिये। 

हर लाइब्रेरी मे हर भाषा मे क़ुरान मीलेगा। 

क़ुरान मे लिखा हे

“और जो भी अल्लाह और रसूल की इताअत (पैरवी) करेगा वह
उन लोगों के साथ हे जिन पर ख़ुदा ने अपनी नेअमतें नाजिल की हैं (ये लोग ) अम्बिया (नबियों), सिद्दीक़ीन (सच्चे), शोहदा (शहीद) और सालेहीन (वलियों) हे और यही (लोग) बेहतरीन रफ़ीक (दोस्त) है (४:६९)”

हम देख रहे हे के 

इंसान सिर्फ़ अपने नफ़स मन की पेरवी में मसरूफ हे, 

ना तो आज के इंसान के पास कोई सिद्दीक़ीन हे जो इसे सच्च बताये ओर जो इसे सच्चा बनाये 

और नाही कोई सालेहीन हे जो इस इंसान को सलाहियत पर चलाये 

ओर नाही कोई ज़िंदा अवलिया-अल्लाह हे जो इंसान को अल्लाह का इल्म कराये अल्लाह की मारेफ़्त कराये। 

और यही ख़ास लोग अल्लाह का इल्म रखने वाले अल्लाह के रफ़ीक हे। 

इंसान बेचारा क़ुरान की नसीहत को समजा ही नही हे 

केहने का मक़सद हे के 

जो इंसान ज़िन्दा सच्चे सिद्दीक़ीन व सालेहींन जो ख़ास नेअमत वाले हे उनकी की पेरवी करेगा उनको फ़ोल्लो करेगा तो हिदायत पर रहेगा 

ज़िन्दा वलियों की सोहबत मे उनकी ईंताअत करेगा वोहि इंसानअल्लाह ओर रसूल की इताअतकर पायेगा फ़रमाबरदारी कर पायेगा, इन्साफ़ कर पायेगा वरनाअपने आप कभी भी रसूलों की फ़रमाबरदारी नहि कर पायेगा

बहोत से लोगों का ख़याल व कहना हे के हमें किसी की पेरवी करने की ज़रूरत नही हे 

हमारी इबादत ही काफ़ी हे 

कितनी बड़ीं ख़ता मे हे 

इंसान बिलकुल उलटी चाल चल रहा हे 

क़ुरान पड़ा ओर समजा नही तो बे समजी का अमल गिरावट हे 

समजा पर अमल नही किया तो भारी नुक़सान मे हे 


Dhan Nirankar Ji santo ji

 group me sher Karna ji 

Seva karo, 

sahi means service 

seva vo he jisme koi apni grz nhi 
satsang 

karo khoob karo par dhiyaan 

Iss liye Seva Sangat nhi karo ke Achcha he 

Ya iss liye seva nhi karo ke sab kar rhe he or Muje bhi karni chahiye 

Nhi 

Sangat iss liya karo ke mere me Jo kmiya he Jo mrz v bimari he Jo adhura pn he use dur karna he 

Jese ke 

juth bolne ki Aadt Ho ya 

baat ko idher se uddhar karne ki Aadt ho to use thik karna he 

Apne aapka sudhar karna he kyun ke 

Ye bahot bhari gunaah he 

Ye avguno ko juldi se mitana he 

Gussa karne ki Aadt ko sudhar na he 

Zyada Khana zyada bolna bhi thik nhi he in sab par Kabu pana he 

Satsang ko ruhani school smjna he 

Agar khud ka sudhar nhi Ho rha he to smjo ke bahot sari khushiya v nemto ko kho rhe Ho